आपने फील किया होगा कि केवल मोटीवेशन होने से आप अपने गोल को अचीव नहीं कर सकते क्योंकि मोटीवेशन आता जाता रहता है। किसी दिन सुबह उठ कर आपमें इतनी एनर्जी होती है कि आप कई घंटे तक अपने गोल पर काम करते रहते हैं। लेकिन अगले ही दिन आप छोटे से टास्क को करने के लिए भी मोटिवेशन नहीं जुटा पाते और उसे टालते रहते हैं। कल, कल से परसों और परसों से कब 1 हफ्ता या एक महीन गुजर जाता है पता ही नहीं चलता।
अब मुद्दा मामला ये है कि इससे कैसे बचा जाये। ऐसा क्या करें कि मोटिवेशन हमेशा के लिए बना रहे और आप लगातार आपना काम करते रहें, ताकि आप अपने गोल को जल्दी अचीव कर सकें। इस आर्टिकल में हम इसी मुद्दे पर बात करेंगे और मैं आपको ऐसे कई तरीके बताउंगा जिन्हें अपना कर आप अपने काम को बिना किसी procrastination के करते रहेंगे।
आपको डेडलाइन पूरी न करने पर कुछ रियल गवांना पडेगा।
आप बिना डेडलाइन के काम स्टार्ट कर देते हैं पर कब कल का परसों और परसों का वर्षों हो जाता है। जब आप अपने लिए कार्य करते हैं, तो वो कभी भी पूरा नहीं होता है। पर आपने ध्यान दिया हे जब वही काम आप किसी और के लिए कर रहे होते हैं, तो सारे काम टाइम पर पूरे हो जाते हैं। जिसे हम नौकरी कहते हैं।
इसका कारण है आपका पैसा जी हां नौकरी में आपका पैसा दाव पर लगा होता है। अगर काम पूरा नहीं हुआ तो सेलेरी नहीं मिलेगी। ऐसे ही आपको अपने काम के लिए भी कुछ दाव पर लगाना चाहिए ताकि जब वो काम पूरा हो तो आपको रिवार्ड मिले कि आपने कुछ बचा लिया। या इसे ऐसे भी कर सकते हैं जब काम पूरा हो तो आपको कुछ रिवार्ड मिले जिससे आपको उस काम को बार बार करने का मोटीवेशन मिले। पर ये क्विक होना चाहिए।
ऐसे लोगों के साथ रहें जो खुद कुछ मीनिंगफुल कर रहे हैं।
आपने नोटिस किया है कि लाइब्रेरी में पढ़ते टाइम आपको चीजें याद करने में और फोकस करने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है। आपका दिमाग खुद ही शांत हो जाता है। ऐसे ही जब आप किसी जिम में जाते हैं, तो आप एक्स्ट्रा एक्सरसाइज कर लेते हैं, क्योंकि वहां का माहोल ऐसे लोगों का है। ऐसे ही काम के लिए आपको माहौल बनाना पड़ेगा। फिर चाहें वो एक अकेले कमरे में बैठ कर किया जाये या फिर लोगों के साथ।
आपका एक्टिव समय निर्धारित करें।
अधिकत्तर लोग अपना सारे दिन के काम निवटा कर अपने गोल पर काम करने जाते हैं। जो लोग जॉब कर रहे हैं वो शाम को थक हार कर खाना पीना करके अपने गोल पर काम करने जाते हैं। जो कि सही नहीं है। दिन के 24 घंटों में कुछ समय ऐसा होता है जिस समय आपके शरीर में हयपर ऐनर्जी होती है। जिस समय पर आप कठिन से कठिन काम भी कर सकते हैं। अगर उस समय को आपने ऐन्टरटेंनमेंट के लिए चुन लिया तो आप अपने पॉटेंशियल का इस्तेमाल कभी नहीं कर सकते।
आपको पहचान ना होगा कि वो कौन सा समय है ताकि आप उस समय को काम के लिए इस्तेमाल कर सकें और कम समय में अपने लिए अच्छे रिजल्ट ला सकें। ये समय सभी के लिए अलग अलग होता है। किसी के लिए ये दिन के 12 बजे हो सकता है, किसी के लिए ये सुबह 5 बजे का समय हो सकता है और किसी के लिए रात के 11 बजे। खुद से एनालिसिस कीजिए कि आपको किस समय पर ज्यादा एनर्जी का एहसास होता है।
क्रियेट विजुअल रिजल्ट
आप के काम करने से क्या बदलाव आया। या ऐसे कह सकते हैं कि आपने जो काम किया वो आपको आपके गोल के कितने करीब ले गया। ये कैसे पता चलेगा अगर आप बिना विजुअल रिजल्ट के काम करते रहेंगे। अपने काम को ट्रेक करने के लिए विजुअल क्रियेट कीजिए।
उदाहरण के लिए अगर आपका गोल है अपने वेट को कम करने का और आप महीनों से जिम करते जा रहे हैं और कुछ वेट कम भी हो गया है पर वो पता कैसे चलेगा अगर आपने ये ही डिसाइड नहीं किया कि कितना वेट कम करना है। अगर पहले ही डिसाइड कर लेंगे तो उसका नाप सकेगें कि अभी कितना कम हुआ है और कितना अभी बाकी है।
विजुअल रिजल्ट बहुत अच्छा मोटीवेशन होता है चाहें वो साधारण सा कैलेंडर को मार्क करना ही क्यों न हो आपको विजिअल रिजल्ट जरुर क्रियेट करना है। ताकि आप अगले एक्सन डिसाइड कर पाएं और जल्दी अपने लिए रिजल्ट ला सकें।
एक समय पर एक काम
एक साथ बहुत सारे गोल पर काम करने से हम किसी भी गोल पर कोई काम ही नहीं करते हैं। कनफ्यूजन इतना अधिक हो जाता है कि समझ ही नहीं आता है कि कौन सा काम पहले किया जाये। कुछ लोग ये गलती करते हैं कि वो एक साथ बहुत सारे गोल पर काम करना स्टार्ट कर देते हैं। और अगले 6 महीने एक साल मेंं भी वहीं के वहीं होते हैं। कारण वो सभी में थोड़ा – थोड़ा काम करते हैं और जब कहीं से कोई रिजल्ट नहीं आता है, तो किसी पर भी काम करने का मन नहीं करता है। नतीजा इतने टाइम तक काम करने के बाद भी उनको कुछ हासिल नहीं होता है।
इसलिए एक समय पर एक ही काम करें। एक गोल होगा तो आप उसके लिए अच्छे से डेडलाइन सेट कर पाएंगें। उसके लिए विजुअल रिजल्ट क्रियेट कर सकेंगे। और उसकी एक्टीविटी को ट्रैक करके नई स्ट्रैटिजी भी बना पायेंगे। अगर डेडलाइन के हिसाब से रिजल्ट मिलते हैं, तो उस गोल पर आगे काम कीजिए अगर नहीं मिल रहे हैं, तो दूसरे गोल पर तुरंत काम स्टार्ट कर सकते हैं।

