LenDenClub क्या है? P2P Lending से पैसे कैसे कमाएं

आजकल लोग केवल FD, म्युचुअल फंड्स या स्टॉक मार्केट में ही निवेश नहीं करना चाहते। इंटरनेट और fintech प्लेटफार्म की वजह से निवेश के नए विकल्प भी सामने आए हैं। इनमें से एक है पियर टू पियर लैंडिंग इसे आमतौर पर p2p लैंडिंग कहा जाता है। अगर आप गूगल पर पियर टू पियर लैंडिंग या हाउ टू अर्न मनी फ्रॉम p2p लैंडिंग जैसे सवाल खोज रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि p2p लैंडिंग क्या होती है और इससे पैसे कैसे कमाए जा सकते हैं। इसमें पैसे लगाना कितना सुरक्षित है। 

P2p लैंडिंग में रिटर्न की गारंटी नहीं होती है और प्रिंसिपल का भी कुछ या पूरा हिस्सा भी रिस्क में हो सकता है। इसे एफडी की तरह गारंटीड इन्वेस्टमेंट ना समझे। 

पियर टू पियर लेंडिंग क्या है 

मान लीजिए किसी व्यक्ति को 50000 का पर्सनल लोन चाहिए, दूसरी तरफ कोई व्यक्ति अपने पैसे से पैसा कमाना चाहता है और उसे ब्याज पर उठाना चाहता है। इन दोनों की सहूलियत के लिए एक ऐप आ जाता है, जिसको हम कहते हैं p2p प्लेटफार्म, जो कि दोनों के लिए टेक्नोलॉजी की मदद से यह काम आसान कर देता है। जिसमें वह व्यक्ति जो पैसे से पैसा कमाना चाहता है, अपना पैसा लगा सकता है, और जो व्यक्ति लोन लेना चाहता है वह वहां से लोन ले सकता है। 

भारत में p2p लैंडिंग आरबीआई के एनबीएफसी p2p फ्रेमवर्क के तहत रेगुलेटेड एक्टिविटी है। आरबीआई की रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में एनबीएफसी p2p एक अलग कैटेगरी है। यही कारण है कि किसी भी पियर टू पियर लैंडिंग ऐप का इस्तेमाल करने से पहले यह देखना जरूरी है, कि प्लेटफार्म आरबीआई के एप्लीकेबल रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के अनुसार रजिस्टर्ड है या नहीं।

लेनदेन क्लब ऐप क्या है 

लेनदेन क्लब भारत का एक p2p लैंडिंग प्लेटफार्म है, जो इनोफेन सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ऑपरेटेड है। कंपनी के अनुसार इसका संचालन 2015 से है और यह आरबीआई रजिस्टर्ड एनबीएफसी p2p के अंतर्गत आता है। 

लेनदेन क्लब का बेसिक कॉन्सेप्ट काफी सिंपल है 

यह प्लेटफॉर्म 

  • लैंडर्स को कर्जदारों से कनेक्ट करता है
  • कर्जदारों की क्रेडिट रिलेटेड इनफार्मेशन और रिस्क असेसमेंट प्रक्रिया करता है 
  • लैंडिंग ट्रांजैक्शंस को फैसिलिटेट करता है 
  • रीपेमेंट इनफॉरमेशन और पोर्टफोलियो ट्रैकिंग उपलब्ध कराता है 
  • लैंडर्स को अलग-अलग कर्जदारों में पैसा डायवर्सिफाई करने की सुविधा देता है 

कंपनी के अनुसार लेनदेन क्लब का रोल मुख्य रूप से इंटरमीडिएट यानी की मिडिएटर का है। यह सिर्फ कर्जदारों और लैंडर्स को जोड़ने के लिए बनाया गया एक प्लेटफार्म है। 

लेनदेन क्लब ऐप क्या है? 

ट्रेडिशनल लैंडिंग की तुलना में इसकी खासियत यह है, कि आपको ब्रांच में जाने या बहुत ज्यादा पेपर वर्क करने की आवश्यकता नहीं होती। अकाउंट क्रिएशन, केवाईसी, पोर्टफोलियो ट्रैकिंग और रीपेमेंट जैसी चीज डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मैनेज की जा सकती हैं, जो कि आप अपने मोबाइल से कर सकते हैं।

लेनदेन क्लब ऐप में कैसे पैसे कमाए जाते हैं 

इस ऐप से पैसे कमाना शुरू करने की प्रक्रिया बहुत ही आसान है। सबसे पहले आप एक अकाउंट बनाएंगे जिसके लिए आप ऐप को ओपन करके अपनी ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर के साथ रजिस्टर करेंगे। दूसरे स्टेप में आप केवाईसी पूरा करेंगे इसके लिए आपको अपनी आइडेंटिटी इनफॉरमेशन की जरूरत पड़ेगी। जिसमें आप पैन कार्ड और आधार कार्ड जैसे डॉक्यूमेंट से अपनी केवाईसी पूरा करेंगे। 

तीसरे स्टेप में आपको अमाउंट ऐड करने की सलाह दी जाएगी। इसमें आपको जितना पैसा ब्याज पर उठाना चाहते हैं इसमें ऐड कर सकते हैं। उसके अगले स्टेप में आप पूरी रकम के लिए किसी एक कर्जदार को देने के बजाय अलग-अलग कर्जदारों में स्पेंड करना और रिस्क मैनेजमेंट करना यह सीखेंगे। 

जब आप अपना पैसा किसी कर्जदार को दे देंगे, उसके बाद वह कर्जदार आपके प्रिंसिपल अमाउंट और जो भी ब्याज उस पर लगेगा उसके अनुसार आपकी ईएमआई रीपे करेगा। वह पैसा आपके एकाउंट में आ जायेगा। इस पैसे को आप यहां पर री इन्वेस्ट करके और ज्यादा रिटर्न कमा सकते हैं। 

क्या लेनदेन क्लब्स ऐप से पैसे कमाए जा सकते हैं 

यह सवाल सबसे ज्यादा सर्च किया जाता है ‘हाउ टू अर्न मनी फ्रॉम लेनदेन क्लब ऑनलाइन’ इसका जवाब यह है कि लेनदेन क्लब में लैंडर के रूप में पार्टिसिपेट करके कर्जदार को दिए गए लोन से इंटरेस्ट इनकम कमाने की कोशिश की जाती है। 

उदाहरण के लिए अगर आपका लैंडिंग पोर्टफोलियो कर्जदार से इंटरेस्ट इनकम जनरेट करता है, तो रीपेमेंट शेड्यूल के अनुसार आपकी इनकम बन सकती है। लेकिन यहां एक बात बहुत जरूरी है, यह फिक्स इनकम या गारंटीड इनकम नहीं देता है।

लेनदेन क्लब स्वयं भी बताता है, कि रिटर्न गारंटी नहीं है। कर्जदार की रीपेमेंट में देरी या डिफॉल्ट होने पर आपकी अर्निंग प्रभावित हो सकती है। इसलिए इसे ऑनलाइन अर्निंग एप की तरह नहीं बल्कि हाई रिस्क इन्वेस्टमेंट की तरह समझाना ज्यादा सही रहेगा। 

क्या लेनदेन क्लब ऐप से 15 या 20% रिटर्न मिल सकता है?

इंटरनेट पर आपको अलग-अलग जगह पर 12% 15% 20% या उससे अधिक रिटर्न की क्लेम दिखाई दे सकते हैं। लेनदेन क्लब की करंट इनफॉरमेशन के अनुसार कई लैंडर्स ने डायवर्सिफाइड अप्रोच के साथ हिस्टोरिकल 12 से 15% प्रति वर्ष का रिटर्न कमाया है। इसके सपोर्ट मैटेरियल में कुछ अनेक हिस्टॉरिकल फिगर भी दिए गए हैं। लेकिन यह गारंटीड फ्यूचर रिटर्न नहीं है। 

इसलिए अगर कोई कहता है लेनदेन क्लब में पैसा लगाइए और हर साल फिक्स 20% मिलेगा तो इस तरह के स्टेटमेंट पर ब्लाइंड्ली भरोसा नहीं करना चाहिए। हिस्टोरिकल रिटर्न गारंटीड फ्यूचर रिटर्न नहीं होते हैं। इन्वेस्टमेंट करने से पहले इस बात को ध्यान जरूर रखें।

लेनदेन क्लब सेफ है या नहीं ? 

अब आते हैं अपने सबसे इंपोर्टेंट सवाल पर लेनदेन क्लब सेफ है या नहीं। इसका जवाब केवल हां या नहीं में देना सही नहीं होगा। लेनदेन क्लब एक आरबीआई रजिस्टर्ड एनबीएफसी p2p लैंडिंग प्लेटफार्म है, जो रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के अंतर्गत आता है। यह तो एक पॉजिटिव फैक्टर हो गया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपके पैसे पर जीरो रिस्क है।

लेनदेन क्लब की अपनी वेबसाइट पर आपको देखने को मिल जाएगा कि आरबीआई रजिस्ट्रेशन का मतलब लोन रीपेमेंट की गारंटी नहीं है और लैंडिंग में प्रिंसिपल तथा इंटरेस्ट लॉस का रिस्क मौजूद रहता है। 

P2p लैंडिंग में सबसे बड़ा रिस्क क्या रहता है ?

सबसे बड़ा रिस्क है, कर्जदार का डिफॉल्ट होना। मान लीजिए आपने 1000 कर्जदारों को ब्याज पर पैसे दे दिए। कुछ कर्जदार समय पर ईएमआई चुका सकते हैं, जबकि कुछ कर्जदार पेमेंट में देरी कर सकते हैं या डिफॉल्ट कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में आपकी एक्सपेक्टेड जो रिटर्न होगी वह काम हो सकती है। कुछ मामलों में आपका जो प्रिंसिपल है वह भी न मिलने की आशंका होती है। यही कारण है कि p2p लैंडिंग में डायवर्सिफिकेशन बहुत जरूरी है। 

लेनदेनक्लब ऐप में मिनिमम इन्वेस्टमेंट कितना है ?

लेनदेनक्लब की वेबसाइट के अनुसार इस ऐप में ₹25000 से शुरुआत कर सकते हैं। लेकिन इन्वेस्टमेंट करने से पहले एलिजिबिलिटी, मिनिमम अमाउंट, अवेलेबल प्रोडक्ट और एप्लीकेबल टर्म्स एंड कंडीशन को उसके ऑफिशल वेबसाइट या ऐप पर जरूर चेक कर लें, क्योंकि फाइनेंशियल प्लेटफार्म की कंडीशन समय के साथ बदल सकती हैं। 

लेनदेन क्लब से ऑनलाइन अर्निंग करने के लिए पांच प्रैक्टिकल टिप्स 

पूरी सेविंग्स इन्वेस्ट ना करें 

P2p लैंडिंग में वही पैसा लगाए जिसका शॉर्ट टर्म में आपको इस्तेमाल नहीं करना है, क्योंकि इसमें लिक्विडिटी बहुत कम होती है। आप अपना पैसा टाईम से पहले नहीं निकाल सकते।

डायवर्सिफिकेशन करें 

एक कर्जदार पर बहुत ज्यादा पैसा लगाने से अच्छा है, कि आप अलग-अलग कर्जदारों को थोड़ा-थोड़ा पैसा कर्ज पर दें। जिससे आपका रिस्क कम होगा और आपके पैसे वापस आने के चांसेस बढ़ जाएंगे। 

रिटर्न के साथ रिस्क भी देखें 

सिर्फ बहुत ज्यादा रिटर्न देखकर खरीदार चुनना सही स्ट्रेटजी नहीं है। रिस्क, टेन्योर और एक्सपेक्टेड रिटर्न को साथ में समझें तभी पैसे कर्ज पर दें। 

गारंटी रिटर्न के क्लेम से सावधान रहें 

अगर कोई व्यक्ति आपसे 100% परसेंट गारंटीड रिटर्न या जीरो रिस्क की बात कर p2p इन्वेस्टमेंट करवाना चाहता है, तो सावधानी बरतें। ऐसी वीडियो और ऐसे लोगों से दूर रहें। यह आपके पैसे डुबो सकते हैं।

ऑफिशियल प्लेटफार्म का ही इस्तेमाल करें 

अगर आप p2p लैंडिंग करना चाहते हैं, तो किसी भी रेंडम व्हाट्सएप, टेलीग्राम लिंक पर या कोई अनजाने एपीके फाइल डाउनलोड करके ऐप इंस्टॉल करके उसमें पैसे इन्वेस्ट ना करें। आप आरबीआई रजिस्टर्ड ऐप में ही पैसे इन्वेस्ट करें। ताकि आपके साथ स्कैम ना हो। 

क्या लेनदेन क्लब एक स्कैम है? 

यह सवाल भी गूगल पर बहुत सर्च किया जाता है। लेकिन उपलब्ध ऑफिशियल इनफॉरमेशन के आधार पर लेनदेन क्लब को सीधे स्कैम कहना सही नहीं है। प्लेटफार्म की ऑपरेटिंग कम्पनी एंटी इनोफेन सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड आरबीआई रजिस्टर्ड एनबीएफसी p2p होने की जानकारी देती है। यह उनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं। 

लेकिन आरबीआई रजिस्ट्रेशन का मतलब इन्वेस्टमेंट गारंटी नहीं है। एक रेगुलेटेड p2p प्लेटफार्म पर भी कर्जदार डिफॉल्ट कर सकते हैं और लैंडर को लॉस हो सकता है। लेनदेन क्लब की खुद डिस्क्लोजर पॉलिसी में इंटरेस्ट लॉस के रिस्क को लिखा गया है। 

निष्कर्ष 

इस आर्टिकल के पूरा पढ़ने के बाद आपको एक चीज समझ आनी चाहिए की p2p लैंडिंग कोई स्कैम नहीं है। लेकिन इसमें बहुत ज्यादा चांसेस होते हैं, कि आपका पैसा डूब सकता है। अगर आपके कर्जदार पैसे देने से मना करें, डिफॉल्ट कर दें या फिर वह टाइम पर आपकी ईएमआई ना भरें।

इसके अलावा p2p लैंडिंग एक असली तरीका है पैसे कमाने का पर इसमें हाई रिस्क है। क्योंकि इसमें हाई रिटर्न भी मिलते हैं। तो एक बार अपनी रिसर्च जरूर कर लें किसी भी ऐप में इन्वेस्टमेंट करने से पहले। किसी भी वीडियो को देखकर के आप इन्वेस्टमेंट ना करें।

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